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गढ़वाल विश्वविद्यालय की नई पहल: अब देशभर के विद्यार्थी पढ़ेंगे उत्तराखंड की विरासत और जनआंदोलनों का इतिहास
35 साल बाद लौटेगी हिमालयन कार रैली: उत्तराखंड के पहाड़ों में फिर गूंजेगा रोमांच का इंजन
उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत: समान कार्य के लिए मिलेगा समान वेतन, कट-ऑफ डेट 2024 तक बढ़ी
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर: पीजी सीटें बढ़कर 64, अब 100 विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम
रिस्पना को बचाने की जंग: प्रदूषण की मार झेल रही देहरादून की पहचान, सीसीटीवी निगरानी की उठी मांग
मसूरी हनीमून केस: रहस्यमय मौत ने खड़े किए कई सवाल, जांच में जुटी पुलिस
रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, नदी पुनरुद्धार अभियान में जुटा प्रशासन
फूलों की घाटी में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद, 17 दिनों में 3628 प्रकृति प्रेमियों ने किया दीदार
मेरठ से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, सर्वे को मिली मंजूरी; दिल्ली-ऋषिकेश सफर होगा और तेज

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  • बूंद-बूंद को तरसते पहाड़: सूखते जल स्रोतों से कैसे बचेगा उत्तराखंड?

    बूंद-बूंद को तरसते पहाड़: सूखते जल स्रोतों से कैसे बचेगा उत्तराखंड?0

    उत्तराखंड को कभी जल स्रोतों की धरती कहा जाता था। यहां के पहाड़ों से निकलने वाले प्राकृतिक नौले, धारे, गदेरे और झरने गांवों की जीवनरेखा थे। लेकिन आज वही जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। राज्य के कई गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है और खेती-बाड़ी भी प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट और भयावह रूप ले सकता है।

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  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान

    लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान0

    भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। वर्तमान उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला सेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया गया है। वह 30 जून को सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे। मौजूदा सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी इसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सेना प्रमुख बनना कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 1997 के बाद पहली बार आर्मर्ड कोर (बख्तरबंद रेजिमेंट) से संबंधित कोई अधिकारी सेना की सर्वोच्च कमान संभालेगा।

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