बेबी रानी मौर्य, राज्यपाल, उत्तराखंड

बेबी रानी मौर्य ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा से राज्यपाल की शपथ ली। बेबी रानी मौर्य मारग्रेट आल्वा के बाद दूसरी महिला हैं जो उत्तराखंड की राज्यपाल बनी हैं।

बेबी रानी मौर्य आगरा के बालूगंज में रहती हैं तथा वे 1995 से 2000 तक आगरा की महापौर रह चुकी हैं। 1997 में वह राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रही। उस समय माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मोर्चा के अध्यक्ष थे। 2002 में वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रही। राज्यपाल बनने से पहले वह राष्ट्रीय परिषद एवं प्रदेश परिषद की सदस्य थी। उन्होंने एमए, बीएड तक शिक्षा ग्रहण की है।

बेबी रानी मौर्य का सामाजिक कार्यों में भी बड़ा लगाव हैं। वह 18 वर्ष से नव चेतना जागृति संस्था के माध्यम से दलित एवं पिछड़ी हुई महिलाओं के लिए जागरूकता एवं न्याय दिलाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा बच्चियों की शिक्षा के प्रति जागरूक कराना तथा ‘सेवा भारती’ के माध्यम से गरीब बस्तियों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम भी चला रही हैं।

उन्हें सामाजिक कार्यांे के लिए 1996 में ‘समाज रत्न’, 1997 में ‘उत्तर प्रदेश समाज रत्न’ और 1998 में उन्हें ‘नारी रत्न’ से सम्मानित किया गया है।

हिल-मेल ब्यूरो