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पौड़ी कमिश्नरी के 50 साल, स्पेशल कैबिनेट में 11 प्रस्ताव पास

पौड़ी कमिश्नरी के 50 साल पूरे होने के मौके पर जिला मुख्यालय में पहली बार प्रदेश मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में 13 बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें से 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में रोजगार औए स्किल डेवलपमेंट, मंडी समिति में रिवॉल्विंग फंड को स्वीकृति, पर्यटन विकास परिषद के साहसिक पर्यटन अधिकारी के वेतनमान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने, चौखुटिया को नगर पंचायत का दर्जा देने, देहरादून के पुरकुल तक मसूरी रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड में देने और पौड़ी में ल्वाली झील के लिए 6.92 करोड़ रुपये मंजूर करने समेत कई फैसले लिए गए। कैबिनेट में मुख्य तौर पर ग्रामीण विकास, पलायन पर नियंत्रण, पेयजल, स्वच्छता एवं कौशल विकास, स्वरोजगार विषय पर चर्चा की गई।

 

बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने रांसी में पौधरोपण किया। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत इन पौधों का नाम बालिकाओं के नाम पर रखा जाएगा। जबकि पौधों की देखभाल बालिकाओं की माताओं द्वारा की जाएगी। यह पहली बार है जब मंत्री परिषद और मंत्रिमंडल की बैठक एक ही दिन रखी गई। राजधानी से बाहर त्रिवेंद्र सरकार की यह दूसरी कैबिनेट बैठक थी। पहली कैबिनेट बैठक त्रिवेंद्र सरकार ने टिहरी झील में की थी। उनसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक हरिद्वार, विजय बहुगुणा गैरसैंण और हरीश रावत हरिद्वार, अल्मोड़ा और केदारनाथ में कैबिनेट की बैठकें कर चुके हैं।

 

कैबिनेट के सामने चर्चा के लिए रखे गए प्रमुख बिंदुओं में से पौड़ी के अंतर्गत ल्वाली झील के निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली। इसके लिए 6.92 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ स्वीकृत हुआ।

 

 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, सड़क सुरक्षा समिति के प्रारूप में पुनर्गठन हुआ है परिवहन आयुक्त के स्थान पर सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता संयुक्त आयुक्त परिवहन करेंगे। पर्यटन विकास परिषद् के अंतर्गत साहसिक खेल अधिकारी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी के वेतन विसंगति का निपटारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होनी थी। अब इसमें संबंधित विभाग के सचिव, न्याय, वित्त एवं कार्मिक सचिव भी रहेंगे। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के ग्रेड वेतन का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति करेगी। संबंधित विभाग के सचिव रहेंगे।

 

मैसर्स फिल इंडस्ट्रीज लि., नई दिल्ली को पुरकुल-मसूरी रोपवे का कार्य दिया गया। इसे पीपीपी मोड में समस्त कार्य का अधिकार दिया गया। विज्ञापन नीति के संशोधन को अनुमति दी गई। वित्त विभाग इस हेतु अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन करेगा। सचिवालय के समीप सचिवालय प्रशासन के लिए 26.54 करोड़ की भूमि अधिगृहित की गई थी, परंतु इसके अत्तराधिकारी न्यायालय चले गए तथा 15 वर्ष बाद भूमि की कीमत अधिक होने के कारण अधिगृहण का निर्णय निरस्त कर दिया गया।

 

चौखुटिया नगर पंचायत की अनुमति दी गई। 4464 जनसंख्या के लिए 12 नए गांव शामिल किए हैं। इसके साथ ही विधानसभा सत्रावसान की अनुमति दी गई। दिव्यांगजनों के लिए संबंधित अधिनियम 2016 हेतु नियमावली लाई गई। इससे दिव्यांगों का आर्थिक, सामाजिक विकास होगा। उन्हें समान अवसर मिलेगा और हिंसा रूकेगी। पौड़ी में देवाल ग्राम पट्टी सितोनस्यू में एनसीसी प्रशिक्षण अकादमी के लिए 3.67 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया गया है।

 

 

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नरी के 50 वर्ष पूरे होने पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा, यह हम सभी के लिए हर्ष की बात है। इस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य प्रदेश व प्रदेशवासियों के भविष्य को संवारना है। इसके लिए गढ़वाल कमिश्नरी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर कैबिनेट का आयोजन किया गया है। टिहरी झील में भी कैबिनेट एवं लेक महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसके बहुत अच्छे परिणाम निकले। आज टिहरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सोच विकास केंद्रित होनी चाहिए। हमें आम आदमी के खरीदने की क्षमता को बढ़ाना है, तभी राज्य का विकास संभव है। स्वरोजगार से जुड़कर अपने देश के व प्रदेश के विकास में अपना योगदान देना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नंदा गौरा योजना के तहत विभिन्न बालिकाओं को 51 हज़ार से 5 हजार तक के चैक वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बाहर रहा रहे उत्तराखंड के लोगों को प्रदेश में वापस लौटने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि, बागवानी और रेशे भी रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनपद पौड़ी गढ़वाल में किसानों एवं महिलाओं को जीरो प्रतिशत ब्याज पर 5 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास की संभावनाओं व कृषि व औद्यानिकी पर पुस्तिकाओं का लोकार्पण भी किया।

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