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अब पहाड़ के नौजवानों को मिलेगा तटों की रक्षा का मौका

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कोस्ट गार्ड के भर्ती सेंटर का शिलान्यास किया गया है। यह केंद्र डेढ़ से दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने इस भर्ती सेंटर के लिए भूमि पूजन के साथ इसका शिलान्यास किया।
 
 
हिल-मेल के सेमिनार रैबार में पहली बार देहरादून में कोस्ट गार्ड के भर्ती सेंटर की स्थापना का विचार सामने आया था। कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह भी उत्तराखंड से हैं। उन्होंने राज्य सरकार के सहयोग से देहरादून में भर्ती सेंटर खोलने की बात कही थी। इसके बाद राज्य सरकार ने कुआंवाला में इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई। राजेंद्र सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले ही इस वादे को केंद्र सरकार की अनुमित के साथ अमली जामा पहना दिया। राजेंद्र सिंह 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
 
 
यह कोस्टगार्ड का पांचवां भर्ती सेंटर होगा। करीब डेढ़ से दो वर्ष के भीतर इस सेंटर के तैयार हो जाने की उम्मीद है। भर्ती सेंटर देहरादून में खुलने के बाद राज्य के युवाओं के लिए कोस्ट गार्ड में भर्ती के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के युवाओं को भी इस भर्ती सेंटर का लाभ मिलेगा।
 
 
इस अवसर पर सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर खुलने से उत्तराखंड के युवाओं कोस्ट गार्ड में रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। कोस्ट गार्ड एसडीआरएफ को आपदा से राहत व बचाव के तरीकों के लिए प्रशिक्षण भी देगा।
 
 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य प्रदेश है। सेना के विभिन्न अंगों मे उत्तराखंड के जवान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को पांचवें सैन्य धाम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। 
 
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड में कोस्ट गार्ड भर्ती केंद्र खुलने से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। थलसेना, वायुसेना व नौसेना के भर्ती केंद्र उत्तराखंड में पहले से ही हैं। कोस्ट गार्ड भर्ती केंद्र खुलने से राज्य के युवाओं को तटरक्षक बल में करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह रैबार कार्यक्रम का प्रतिफल है कि उत्तराखंड में कोस्टगार्ड का भर्ती सेंटर खुलने जा रहा है, जबकि देहरादून में देश का पहला ड्रोन एप्लिकेशन रिसर्च सेंटर खुल चुका है।
 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि देहरादून में जल्द ही भव्य शौर्य स्थल (सैन्यधाम) बनाया जाएगा। इसके लिए देहरादून में 70 बीघा जमीन का चयन कर लिया गया है। यह शौर्य स्थल सबके लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। सीएम ने कहा कि रानी पोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बन रही है। इससे प्रदेश के युवाओं को विधि की पढ़ाई के साथ-साथ कानून के क्षेत्र में कार्य करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। राज्य में अधिक से अधिक पर्यटक आएं इसके लिए हवाई सेवाओं को विस्तार दिया जा रहा है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर हैं। देश का 23वां सीपैट संस्थान डोईवाला में खोला गया है। सीपैट एक ऐसा संस्थान हैं, जिसमें कोर्स करने से रोजगार की बहुत प्रबल संभावनाएं हैं। इसमें जल्द ही डिप्लोमा व डिग्री कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
 
इस मौके पर कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने कहा कि गत वर्ष मुख्यमंत्री आवास में रैबार कार्यक्रम में प्रदेश की बड़ी हस्तियों का जो मंथन हुआ। उसके सुखद परिणाम आज हम सबके सामने हैं। डीजी कोस्टगार्ड ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का वासी होने के नाते मेरे मन में यहां के युवाओं के लिए कुछ करने की तमन्ना थी।
उत्तराखंड में कोस्ट गार्ड का भर्ती सेंटर हो यह मुख्यमंत्री का ख्वाब और मेरी ख्वाइश थी जिसका परिणाम है कि आज मंजिल हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि यह भर्ती केंद्र लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की कोस्ट गार्ड विश्व की चौथी सबसे बड़ी कोस्ट गार्ड है। काम के मामले में आज भी सबसे आगे है। उन्होंने इस भर्ती केंद्र के लिए अपेक्षित भूमि आवंटन करने पर मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

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