रंग-तरंग

युवा चित्रकार, का अनोखा रचना संसार

‘गंगा बचाओ’ का संदेश देने वाली पेंटिंग के लिए राजेश चंद्र को केंद्र सरकार के ‘रग-रग में गंगा’ शो में जगह मिली। कुंजापुरी मंदिर के मुख्य द्वार पर‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की चित्रकारी के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट की जज अनुजा प्रभुदेसाई ने सम्मानित कर चुकी हैं।

वाईएस बिष्ट, ऋषिकेश

कहते हैं कलाकार अपने भावों को अपनी कला से अभिव्यक्त करता है। उसे कुछ कहने की आवश्यकता नहीं होती। ऋषिकेश, हरिद्वार और सहारनपुर पुलिस लाइन में सरकारी और गैरसरकारी इमारतों की दीवार पर अगर पहाड़ का प्राकृतिक सौंदर्य नजर आए तो यह निश्चित ही युवा चित्रकार राजेश चंद्र का रचना संसार होगा। बहुत कम उम्र में इस युवा कलाकार ने वॉल पेंटिंग की दुनिया में एक नई पहचान बनाई है।


ऋषिकेश में जन्मे और मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के बंदासा गांव के रहने वाले राजेश चंद्र का हुनर इन दिनों दीवारों पर पहाड़ की संस्कृति को जीवंत कर रहा है। देहरादून के मिनेर्वा कॉलेज से बेचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का पढ़ाई कर रहे राजेश बेहतरीन चित्रकार हैं। उन्होंने अपनी कला से उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को एक नई परिभाषा दी है। राजेश की पेंटिग्स में उत्तराखंड की संस्कृति की गहरी छाप नजर आती है।

कला के प्रति राजेश का रुझान अपने मौसी सुमन नैथानी की बनाई फैब्रिक पेंटिंग्स को देखकर हुआ। निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी में पढ़ाई के दौरान रचनात्मक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहने के कारण राजेश की चित्रकारी को लेकर रुचि बढ़ी और वह अपनी कला को निखारने लगे। देहरादून के मिनेर्वा कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद राजेश ने पेटिंग्स की तमाम बारीकियां सीखीं। इसके बाद ख्याल आया कि अलग पहचान बनाने के लिए कुछ अलग करना होगा। लिहाजा पहाड़ के सौंदर्य को कैनवास पर उतारने का विचार आया। कॉलेज की तरफ से हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण प्रोग्राम में भेजा गया। यहां रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों पर 3डी पेंटिंग्स की। इसके बाद नमामि गंगे परियोजना के तहत उतराखंड की संस्कृति व चारधाम का चित्रण किया। गढ़वाल की सभ्यता को देहरादून रेलवे स्टेशन पर भी दिखाया।

उत्तर प्रदेश सहारनपुर पुलिस लाइन में आईपीएस बबलू कुमार के प्रस्ताव पर सौंदर्यीकरण के लिए जिला पुलिस और प्रशासन ने राजेश को सम्मनित किया। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्ट्रीट आर्ट फेस्टिवल में हिस्सा लेकर राजेश ने वहा पहाड़ की कला को पेश किया। इस दौरान प्रख्यात चित्रकार पदम् भूषण जतिन दास ने राजेश की कला को सराहा और सम्मानित किया। कला के प्रति योगदान के लिए राजेश को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी सम्मानित कर चुके हैं। राजेश ने सीएम को उनका पोर्टेट भी भेंट किया था।

कुंजापुरी मंदिर के मुख्य द्वार पर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की चित्रकारी के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट की जज अनुजा प्रभुदेसाई ने सम्मानित किया। विंदेश्वरी मंदिर के मुख्य द्वार पर भी पेंटिंग की। अब राजेश की कोशिश है कि वह हर मंदिर के द्वार पर ‘बेटी बचाओ, बेटीपढ़ाओ’ का संदेश देने वाली पेटिंग्स बनाएं। राजेश की पर्यावरण पर बनी एक पेंटिंग हिंदी मैगजीन सुदर्शनिक के कवर पेज पर भी छपी। राजेश ‘बीइंग भगीरथ’ पहल के तहत हर रविवार को गंगा सफाई के अभियान से भी जुड़े हैं और इसके लिए ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर फ्री स्केचिंग क्लास देते हैं।

‘गंगा बचाओ’ का संदेश देने वाली पेंटिंग के लिए राजेश को केंद्र सरकार के ‘रग-रग में गंगा’ शो में जगह मिली। उन्हें शो में एक्टर राजीव खंडेलवाल के साथ दिखाया गया। राजेश का प्रयास आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को चित्रकारी के जरिये उत्तराखंड की संस्कृति से जोड़ना है।

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