Exclusive

बाड़ाहोती में बढ़ेगा सपोर्ट सिस्टम

सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोग देश की आंख-कान होते हैं। ये एक तरह के प्रहरी होते हैं, जो सेनाओं तक शुरूआती सूचनाएं पहुंचाते हैं। यदि वे यहां नहीं रहेंगे तो स्थिति चिंताजनक हो जाएगी। लेकिन सीमाई क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी के चलते अब यहां से भी पलायन देखने को मिल रहा है। इसलिए सरकार का जोर इस बात पर है कि इन इलाकों में सरकारी सपोर्ट सिस्टम बढ़ाया जाए। किसी भी सूरत में उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में रह रहे लोग पलायन ना करें।
उत्तराखंड में चीन से सटी सीमा घुसपैठ की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां पर समय-समय पर बाड़ाहोती में चीनी सैनिक घुसपैठ करते रहते हैं। कई बार चीनी हेलीकॉप्टरों के रेकी करने की खबरें भी आती रहती हैं। दरअसल, यहां 80 हजार वर्ग किलोमीटर का एक चारागाह है, जिसको लेकर चीन घुसपैठ करता रहता है। सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच दो महीने से अधिक समय तक चली तनातनी के बाद भारत सीमा सुरक्षा को लेकर चौकन्ना हो गया है। सरकार चीन से सटी सीमा की सुरक्षा को पुख्ता बनाना चाहती है। इसके लिए केंद्र सरकार एक स्टडी ग्रुप गठित करने जा रही है। यह खासतौर पर सीमांत लोगों को मुख्यधारा में शामिल करने पर फोकस करेगा। स्टडी ग्रुप चीन सीमा से सटे राज्यों की सरकारों और दूसरे प्रतिनिधिमंडलों के साथ भी बातचीत करेगा। यह रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपी जाएगी। दशहरे के अवसर पर उत्तराखंड स्थित चीन बॉर्डर के अग्रिम इलाकों का दौरा करने वाले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। यह ग्रुप पांच राज्यों में फैली 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा पर उन सभी पहलुओं का अध्ययन करेगा, जिनसे चुनौती है और जिनमें सुधार की आवश्यकता है। उत्तराखंड में आइटीबीपी के हिमवीर सरहद की रक्षा में डटे हैं।
डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
दुर्गम इलाकों से गुजरने वाली भारत-चीन सीमा पर डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है। इसमें सुधार के लिए सरकार ने 73 सड़कें बनाने का फैसला किया है। करीब 804 किलोमीटर लंबी 27 सड़कों का निर्माण गृह मंत्रालय करा रहा है। उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में बन रही इन सड़कों पर 1,937 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बनेंगी इंटीग्रेटेड बीएओपी
जिन बॉर्डर पोस्ट पर जवान अभी रहते हैं, उनकी जगह गृहमंत्रालय इंटीग्रेटेड बीएओपी बनाने पर काम कर रहा है। लद्दाख में ऐसे इंटीग्रेटेड बीओपी बनाने का काम शुरू भी हो चुका है। अब उत्तराखंड के भारत-चीन सीमा पर भी इसी तरीके की बीओपी बनाने का प्रस्ताव है। राजनाथ उत्तराखंड में चीन बॉर्डर पर स्थित अग्रिम चौकियों रिमखिम और लपथल पहुंचे और जवानों की स्थिति का जायजा लिया। समुद्रतल से करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस अति दुर्गम इलाके में रात में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। राजनाथ रिमखिम पहुंचने वाले पहले गृहमंत्री हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.