पहाड़ी युवाओं को तटों की निगरानी का मौका

कोस्ट गार्ड की कमान एक पहाड़ के सपूत के हाथ में आने के बाद यह तो तय था कि वह उत्तराखंड को कुछ ऐसा तोहफा जरूर देंगे जो यहां के युवाओं के लिए एक अच्छे भविष्य की राह प्रशस्त करेगा। कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने अपनी इस सोच को अमली जामा भी पहना दिया है। कोस्ट गार्ड जल्द ही देहरादून में अपना भर्ती केंद्र शुरू करेगा। डीजी कोस्ट गार्ड सिंह ने हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से देहरादून में उनके आवास पर भेंट की। एक घंटे की इस खास मुलाकात के दौरान उन्होंने कई अहम मुद्दों के अलावा देहरादून में तटरक्षक बल का भर्ती सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा। जिस पर मुख्यमंत्री ने काफी खुशी जताई और इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिलाया। पिछले कई सालों से कोस्ट गार्ड उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों के युवाओं को तटरक्षक बल में नाविक के रूप में भर्ती करने के लिए राज्य के अलग-अलग इलाकों में भर्ती आयोजित करता रहा है। जिसकी वजह से अब तक राज्य के दुर्गम इलाकों के सैकड़ों युवा कोस्ट गार्ड में भर्ती होकर देश की समुद्री सीमा की रक्षा कर रहे हैं। लेकिन राज्य में भर्ती केंद्र खुल जाने से यह संख्या हजारों में जा सकती है।
इसके अलावा डीजी कोस्ट गार्ड और मुख्यमंत्री ने राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने पहाड़ी इलाकों में फलदार पेड़ लगाने के मिशन को तेज करने पर भी गहन मंत्रणा की। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने राज्य के 13 जिलों में 14 नए पर्यटन केंद्र विकसित करने की भी जानकारी दी। इस मौके पर डीजी कोस्ट गार्ड राजेन्द्र सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह भी मौजूद थी। उत्तराखंड में चकराता के रहने वाले राजेंद्र सिंह 29 दिसंबर, 1980 को सहायक कमांडेंट के रूप में तटरक्षक बल में शामिल हुए। वह बल के उन चुनिंदा अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने बल के सभी जहाजों को सफलता पूर्वक कमांड किया। तटरक्षक बल के 22वें महानिदेशक बनने वाले राजेंद्र सिंह तटरक्षक बल के पहले नियमित अधिकारी हैं, जो इस पद पर पहुंचे हैं।

Post Author: ASR

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