कारगिल शहीदों को नमन

Pay homage at Amar Jawan Jyoti

कारगिल में पाकिस्तान के दोगलेपन को जगजाहिर हुए 18 साल हो गये। इस दोगलेपन के साथ पाकिस्तान की दुष्टता को हमारे सैनिकों और अफसरों ने 26 जुलाई को निर्णायक तौर पर अपने सैन्य कौशल, धैर्य और साहस से करारा जवाब दिया था। 18 साल पहले भारतीय सैनिकों ने कारगिल पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों को मार भगाया था। उसी की याद में हम हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर अमर जवान ज्योति में वित्त एवं रक्षा मंत्री अरूण जेटली, थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख वी.एस. धनोवा और नौसेना के उपाध्यक्ष वाइस एडमिरल करमवीर सिंह ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

CM Photo 01, dt.26 July, 2017कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देहरादून के गांधी पार्क में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल का युद्ध सामरिक दृष्टि से विषम परस्थितियों में लड़ा गया। जिसमें भारत के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 26 जुलाई 1999 को कारगिल पर विजय प्राप्त कर दुनिया में भारतीय सैन्य शक्ति का परचम लहराया। उन्होंने कहा कि द्रास, टाईगर हिल, बटालिक में शत्रुओं ने छद्म रूप से घुसकर भारतीय सेना पर वार करना शुरू कर दिया। लेकिन हमारे सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी पूरे पराक्रम एवं साहस के साथ सुनियोजित तरीके से दुश्मनों को खदेड़ा। कारगिल युद्ध में हमारे 542 वीर सपूत वीरगति को प्राप्त हुए लेकिन हमारी सेना ने प्रत्येक जवान के एक-एक बूंद खून का बदला दुश्मनों से लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर सैनिकों, सैनिक परिवारों से जुड़े एवं वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों की वीरता देश के सम्मान का परिचायक है। राज्य सरकार वीर सपूतों की शहादत का सम्मान करती है। सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। शौर्य दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों एवं सैन्य परिवारों के आश्रितों को सम्मानित किया। इस युद्ध में भारत के 542 सैनिक अपनी मातृभूमि की रक्षा करते शहीद हुए तथा कई अन्य सैनिक घायल हुए। कारगिल युद्ध ने भारत को सैन्य कला और भूराजनीति के कई सबक सिखाए हैं।

CM Photo 05, dt.26 July, 2017भारतीय सेना के कई सैनिकों ने अपनी मातृभूमि पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। कई अफसर थे जिन्होंने अपने सैनिकों का अग्रिम पंक्ति पर नेतृत्व किया और आगे बढ़कर अपने सीनों पर गोलियां खाई और कई सैनिक जीवन भर के लिए अपंग हो गये। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आज समूचे राष्ट्र का कतव्र्य है कि हम उन वीर योद्धाओं के सम्मान में श्रद्धासुमन अर्पित करें। जिन्हांेने अपने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

कारगिल युद्ध के बाद भी पाकिस्तान सेना ने सबक नहीं लिया और वह लगातार जम्मू कश्मीर में छद्म युद्ध द्वारा भारत को नुकसान पहुंचाने में लगा हुआ है। इस कारण से उसको भी काफी नुकसान हो रहा है इसके बावजूद भी वह लगातार आतंकवादियों और अलगाववादियों की मदद कर रहा है तथा पाकिस्तान में दु्रदांत आतंकवादियों को संरक्षण दे रहा है। जो न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए एक चुनौती बनकर उभर रहे हैं।

- वाई एस बिष्ट

This entry was posted on Wednesday, July 26th, 2017 at 2:51 pm and is filed under समाचार, हमारी फ़ौज. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed. You can leave a response, or trackback from your own site.

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