दिल्ली में उत्तराखण्डी व्यंजनों का मजा!

1मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुछ दिनों पहले दिल्ली एक कार्यक्रम में कहा था कि पहाड़ के व्यंजनों का उत्तराखण्ड से बाहर भी इनका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए तथा इन व्यंजनों को देश के विभिन्न क्षेत्रों में आसानी से मिलना चाहिए। दिल्ली में भी उत्तराखण्ड के लाखों लोग निवास करते हैं और काफी लोगों का मन अपने पहाड़ के व्यंजनों का खाने का होता है लेकिन यहां पर यह व्यंजन नहीं मिलने के कारण वह अपने मन मसोस कर रह जाते हैं। लेकिन अब दिल्ली के निवासियों को उत्तराखण्ड के व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। इसका प्रबंध उत्तराखण्ड निवास चाणक्यपुरी नई दिल्ली में हो गया है जहां पर शुद्ध उत्तराखण्डी व्यंजन खाने को मिलेंगे।

उत्तराखण्ड निवास के व्यवस्थाधिकारी रंजन मिश्रा ने मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते हुए उत्तराखण्ड निवास में इसकी शुरुआत कर दी है। उन्होंने बताया कि सप्ताह के प्रत्येक रविवार उत्तराखण्ड निवास के भोजनालय में उत्तराखण्ड के स्वादिष्ट व्यंजन खाने में उपलब्ध होंगे। यह योजना पिछले रविवार से शुरू कर दी गयी है। जिसे धीरे-धीरे पूरे सप्ताह कर दिया जाने की योजना है। अभी तक प्रत्येक रविवार समय 12 बजे से 3 बजे तक लंच में उत्तराखण्डी भोजन परोसे जाऐगे। भोजन ग्रहण करने के इच्छुक व्यक्ति एक दिन पूर्व मोबाइल 09868314811 एवं दूरभाष 011-23014263-69 पर अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं।

3उत्तराखण्ड निवास में माह के प्रथम रविवार को लंच में परोसेे जाने वाले उत्तराखण्ड भोजन में गहत, भट के डुबुके व फांड़ू, उत्तराखण्डी झोई, आलू के गुटके, मडूवा की रोटी, गुड एंवम् घी के साथ उत्तराखण्डी भात, उत्तराखण्डी बडे, उत्तराखण्डी छाॅछ, भुनी लाल मिर्च। दूसरे रविवार माँस का चैंस व चैंसू, उत्तराखण्डी चटनी, अल्मोडा का रायता, उत्तराखण्डी भात, झुन्गर की खीर, मसूर के डुबके, मिस्सी रोटी देहरादूनी पल्लर। तीसरे रविवार उत्तराखण्डी चीला, उत्तराखण्डी चटनी, आलू के गुटके, गहत की दाल, उत्तराखण्डी छाॅछ, उत्तराखण्डी भात, उत्तराखण्डी बड़े, अल्मोड़ा का रायता। चैथे रविवार को भट के चूड़कानी, उत्तराखण्डी झोई, अल्मोड़ा रायता, मडुवे की रोटी, देहरादूनी पल्लर, उत्तराखण्डी नमक, भुनी लाल मिर्च, उत्तराखण्डी आलू या मूली का थिचवाड़ी, उत्तराखण्डी भात उपलब्ध होगा।

कुछ समय बाद पूरे सप्ताह उत्तराखण्ड के व्यंजनों का आनन्द उठाया जा सकता है। इसकी शुरुआत होते ही पहले ही दिन बड़ी संख्या में दिल्ली में उत्तराखंड के रहने वाले गणमान्य और आम लोग पहाड़ी व्यंजनों का मजा लेने पहुंचे।

हिलमेल ब्यूरो

This entry was posted on Friday, September 11th, 2015 at 6:07 pm and is filed under रंग-तरंग. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed. You can leave a response, or trackback from your own site.

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