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  • मोदी टीम का हिस्सा बने भास्कर खुल्बे

    मोदी टीम का हिस्सा बने भास्कर खुल्बे

    उत्तराखंड कुमाऊं के रहने वाले भास्कर खुल्बे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी टीम में शामिल किया है। नैनीताल निवासी भास्कर पश्चिम बंगाल कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी हैं। पिछले करीब दो वर्षों से प्रधानमंत्री कार्यालय में एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में सेवा दे रहे भास्कर को सेक्रेटरी पद पर नियुक्ति दी गई। भास्कर खुल्बे की शिक्षा-दीक्षा ...

  • परिवहन का विकल्प बन रही हेली सेवाएं

    परिवहन का विकल्प बन रही हेली सेवाएं

    - चेतना नेगी  पिथौरागढ़ के धारचूला में सुदूर स्थित जिस गांव तक पैदल पहुंचने में पांच-छह दिन लगते थे वहां अब यह सफर 17 मिनट तक सिमट आया है। ये संभव हुआ है उत्तराखंड में संचालित हो रही हेलीटैक्सी सेवाओं से। यात्रा सीजन में इन सेवाओं के उपयोग में आई तेजी ने राज्य सरकार को एक मजबूत परिवहन ...

  • कारगिल विजय दिवस

    कारगिल विजय दिवस

    ...जरा याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये... - वाई एस बिष्ट  भारतीय सैनिकों और अफसरों के सैन्य कौशल, धैर्य और साहस से कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के दोगलेपन को जगजाहिर हुए सत्रह साल हो गये। 26 जुलाई को हम हर साल कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन भारतीय सेना ने ...

  • ऊर्जा से महरूम ऊर्जा प्रदेश

    ऊर्जा से महरूम ऊर्जा प्रदेश

    - त्रिलोचन भट्ट  ऊर्जा प्रदेश की एक स्वर्णिम तस्वीर  उत्तराखंड के पांचों नदी बेसिनों (अलकनंदा, भागीरथी, गंगा सब, शारदा और यमुना) में कुल 336 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें कुल मिलाकर 27,189.56 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इन परियोजनाओं में सर्वाधिक 122 परियोजनाएं अलकनंदा नदी बेसिन में हैं, जो 6947.32 मेगावाट बिजली का उत्पादन ...

  • केदारनाथ की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

    केदारनाथ की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

    - एएस रावत  वर्ष 2013 के जल प्रलय में हिमालय की तरह अडिग खड़े रहे केदारनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर इस बार दोतरफा आशंकाएं जताई जा रही हैं। देश की दो शीर्ष वैज्ञानिक संस्थाओं ने केदारनाथ मंदिर के लिए दो अलग-अलग तरह के खतरों के प्रति आगाह किया है। एक ओर जहां आईआईटी चेन्नई ने मंदिर की मजबूती को ...

  • तैयारियां बेकार, फिर आपदा की मार

    तैयारियां बेकार, फिर आपदा की मार

    पहाड़ इस बार भी मानसून आने से पहले से ही सहमा हुआ था। 2013 की जल प्रलय की त्रासद यादों के बीच इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से अधिक बारिश होने की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी और मई-जून के महीने में ही बादल फटने की कई घटनाएं हो चुकी थी। हालांकि राज्य सरकार ...

  • सरहद पर तैनात एस.एस.बी. की महिला जांबाज

    सरहद पर तैनात एस.एस.बी. की महिला जांबाज

    उस देश की सरहद को कोई छू नही सकता जिस देश की सरहद पर निगेहबान है आँखें। जी हां, हम बात कर रहे है सीमा की महिला पहरेदारों की। हाथो में बंदूक लिए एस.एस.बी. महिला जवान दिनरात सीमा की रखवाली में तैनात हैं। एस.एस.बी. देश की पहली पैरा मिलिट्री फोर्स है जिसने सबसे पहले महिला ...

  • राज्यपाल ने दिए चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के निर्देश

    राज्यपाल ने दिए चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के निर्देश

    राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने राज्य के अधिकारियों को चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मई माह में प्रारम्भ होने जा रही चारधाम यात्रा को दुर्घटनामुक्त बनाने की दृष्टि से काम किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने यात्रा रूट के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा लोक निर्माण विभाग ...

  • केदारनाथ – पर्यटन विकास का नया आधार

    केदारनाथ – पर्यटन विकास का नया आधार

    वर्ष 2013 में हिमालयी राज्य उत्तराखंड को प्रकृति की विनाशलीला का सामना करना पड़ा। जान-माल की व्यापक हानि के साथ राज्य ने कुदरत के कहर का सबसे वीभत्स रूप देखा। विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ पर्यटन के प्रमुख केंद्र केदारनाथ और समूची केदारघाटी को व्यापक नुकसान पहुंचा। फिर शुरू हुआ केदारनाथ को उसका पुराना स्वरूप लौटाने ...

  • केदारनाथ में पुनर्निर्माण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण

    केदारनाथ में पुनर्निर्माण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण व पुनर्वास कार्यों के अंतर्गत लगभग 115 करोड़ लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 23 करोड़ रूपए से अधिक लागत की योजनाओं का लोकार्पण किया गया जबकि 91 करोड़ रूपए से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हरीश ...

  • केदारनाथ का पुनर्निर्माण और उत्तराखंड का नव निर्माण

    केदारनाथ का पुनर्निर्माण और उत्तराखंड का नव निर्माण

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ समेत चार धाम यात्रा के सुचारू रूप से आरम्भ होने में उत्तराखंड में रहने वालों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंडवासियों की भी अहम भूमिका है। हरीश रावत ने दिल्ली समेत तमाम महानगरों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों से पहाड़ों में अपनी जड़ों की तरफ लौटने की ...

  • केदारनाथ आपदा के बाद आगे का रास्ता

    केदारनाथ आपदा के बाद आगे का रास्ता

    हिलमेल - (एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का) वेबसाइट द्वारा 1 मार्च को ऋषिकेश में ‘केदारनाथ आपदा के बाद आगे का रास्ता’ विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी। हिलमेल के एक साल पूरा होने पर आयोजित इस गोष्ठी में केदारनाथ आपदा के आठ महीनों के हालात और केदारघाटी में हुए कार्यों की ...

  • हिलरत्न

    हिलरत्न

    एक अभियान... पहाड़ों की ओर लौटने का, हिलमेल के शानदार उद्घाटन के मौके पर अपने अपने कार्यक्षेत्र में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले उत्तराखंड के सपूतों को सम्मानित किया गया। इनमें नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के जोशी, इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के चेयरमैन आर एस बुटोला, कोस्टगार्ड के अतिरिक्त महानिदेशक राजेन्द्र सिंह, गढ़वाल रेजीमेंट के ...

  • हिलमेल का शुभारम्भ: पहाड़ों की ओर लौटने का एक अभियान

    हिलमेल का शुभारम्भ: पहाड़ों की ओर लौटने का एक अभियान

    लगभग एक साल के अथक प्रयासों के बाद हिलमेल वेबसाइट की विधिवत शुरुआत हो गयी है। 1 मार्च 2013 को दिल्ली के कांस्टीटूशन क्लब में नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के जोशी ने बटन दबाकर हिलमेल पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल ...

 

संवाद

पक्के इरादों के अजीत डोभाल

Ajit Doval..भले ही हाल में नेपाल में नए संविधान के लागू होने बाद वहां बने हालात को भारत की कूटनीतिक चूक माना जा रहा हो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की आलोचना हो रही हो लेकिन सही मायनों में मोदी सरकार के एक साल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सफलता का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ रहा है।
एक तरफ गैंगस्टर छोटा राजन को गिरफ्तार करने की रणनीति राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दिमाग की उपज है। छोटा राजन को इंडोनेशिया में गिरफ्तार करने की योजना उस रणनीति का एक हिस्सा है जो अंडर वल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए बनाई गई है। ..… अधिक पढ़े


केदारनाथ का भगीरथ

Col Ajay Kothiyal......भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि केदारनाथ में तापमान माइनस 10 डिग्री होने के बावजूद भी पुनर्निर्माण का काम लगातार जारी है और इसका नेतृत्व कर रहे हैं कर्नल अजय कोठियाल। केदारनाथ में आई आपदा के कारण यहां पर कोई भी कार्य करने के लिए तैयार नहीं था क्योंकि एक तो यहां पर आयी भंयकर आपदा और दूसरा यहां का पूरा इलाका कई महीनों तक बर्फ से ढका रहता है, इन विपरीप परिस्थितियों में कर्नल कोठियाल ने यहां पर कार्य करने की जिम्मेदारी सम्भाली।….. अधिक पढ़े

 

 

 
 

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